Friday, April 6, 2018

चाहत


चाहत किसे कहे:-


"चाहत-ए-खास को सुकून-ए-राहत तब मिले,
जब उसे प्यार और इत्मीनान से पुरा किया जाए,
वरना वो चाहत नही,बस एक तमन्ना थी,
जो दिल मे आई और चली गई।"
                            -✍🏻डॉ.स्मृति नाईक

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