Wednesday, October 3, 2018

अपनी सोहबत

अपनी सोहबत😊❤:-

कुछ तनहा पल अपने साथ बिताये,
पता चला मुझे कि अपने आप मे,
एक और जहान है,
इस जहान मे,
एक धडकता दिल है,
एक आलम है,
एक मस्ती है,
एक खुशी है,
और "मैं" हूँ।
अपने आप मे खुश,
अपने आप से खुश,
तनहाई मे हम अक़्सर ,
लोगो के बारे मे,
बीते लमहों के बारे मे,
सोचते इतने खो जाते है,
कि हम अपने आप के साथ,
 रहना ही भूल जाते है,
दूसरो से ऐसे पेश आओ,
जैसे तुम अपने आप से पेश आते हो,
खुश रहो,आबाद रहो,
अपनी मस्ती मे रहो,
अपनी हस्ती मे रहो,
अपने अस्तित्व को ना भूलो,
अच्छे पल,अच्छे लोग मिले ना मिले,
अपने सोहबत को इतना,
"एन्जॉय"करो,
कि आपको लगे की आप एक,
"अच्छी कंपनी"मे है।
फिर ये दूनियाँ जो कहे,
जो समझे,
आपका कारवां तो कभी ना कभी,
आपको मिलेगा ही,
चलते रहो,
"ऐसा होगा ही" इस पर विश्वास रखो।
               -✍ डॉ.स्मृति नाईक