अनजाने में हुई गलती:-
अनजाने मे हुई गलति,
माँफी के काबिल है,
क्योंकि,
इसमे जज्बातो के साथ खिलवाड करने की,
चाहत नहीं होती,
आँखो में वही ठहराव होता है,
किसी तरह की कोई हलचल नहीं होती,
चहरे पर शिंकत तो होती है गलती हो जाने की,
पर किसी तरह की विचित्र घबराहट नहीं होती,
माना बुरा लगता है हर हाल में,
पर ऐसी गलती माफ करने पर,
दिल मे चुभन सी नहीं होती।
-✍डॉ. स्मृति नाईक


