Saturday, January 21, 2017


अनजाने में हुई गलती:-

अनजाने मे हुई गलति,
माँफी के काबिल है,
क्योंकि,
इसमे जज्बातो के साथ खिलवाड करने की,
चाहत नहीं होती,
आँखो में वही ठहराव होता है,
किसी तरह की कोई हलचल नहीं होती,
चहरे पर शिंकत तो होती है गलती हो जाने की,
पर किसी तरह की विचित्र घबराहट नहीं होती,
माना बुरा लगता है हर हाल में,
पर ऐसी गलती माफ करने पर,
दिल मे चुभन सी नहीं होती।
 
                          -✍डॉ. स्मृति नाईक

Sunday, January 8, 2017

ज़िन्दगी की किताब जब पढनी ही है हमे पूरी,
तो गम के पन्ने को जल्द से पढ-समझकर उलट दो,
खुशी का पन्ना कब से फडफड़ा रहा है,
हमसे मिलने के लिए।
                             -डॉ. स्मृति नाईक