"Born to be free":-
कभी कभी जज़्बात और ख़्याल,
एक दुसरे से मेल खाते नही,
कभी कभी हम इन दोनो को,
समझ ही पाते नही।
कभी जज़्बात कहते कुछ और है,
और ख्याल हमे ले जाते कहीं और है,
इस कशमकश में हम,
चले जाते कहीं और है।
अब जाना मैने अपने जज़्बात को,
और कहा ख्याल से,
क्यो ना बाटें हम,एक दुसरे के हाल को,
जब जज़्बात और ख्याल से बातें की मैनें,
तब जाना वो भी तनहा थे मेरी तरह,
मिलना चाहते थे अपने आप से,
बस राह तक रहे थे मेरी,
कि कब आकर थामुंगी मै उनकेे हाथ को।
जज़्बात और ख्याल,
पहले थे दोनो अलग-अलग,
और उन दोनो बेवकुफ़ो की,
मैं ही एक common friend थी।
आज की जब मैने पहल,
तो गुत्थी सुलझती चली गई,
और अब हम सब साथ है,
मेरे जज़्बात,मेरे ख़्याल और मैं,
अब सब complete है,
और मैं पूरी तरह स्वतंत्र हूँ।
I am born to be free💃
-✍डॉ.स्मृति नाईक
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