Saturday, December 31, 2016

Good Bye २०१६

Good Bye २०१६:-
गुजरता है वक्त यूँ,
जैसे फिसलता पानी,
लगता नहीं बदला कुछ इस क्षण,
पर बरसों बीते है करते मनमानी,
हर साल आएगा,
और आँखो देखा हाल,
अपने पन्नो पर लिखता जाएगा,
अब सोचना मुझे ही होगा,
इतिहास बनाना है या इतिहास बन जाना है,
जग में आना और जाना,
लोगों का जुडना और,
मुँह मोडकर मुडना,
ये तो वक्त के साथ बदल सकता है,
पर वक्त नही ठहरता,
किसी भी किंमत,
किसी भी हालात,
और किसी के लिए भी,
वक्त दास्ताने लिखता और बनाता है,
और हालात और रिश्ते,
हमें बनाते है,
इस वक्त और हालात की जुगलबंदी में,
कॅलेंडर के पन्ने उलटते जाते है,
हम करें भी तो क्या?
इस सवाल का यह एक ही जवाब है कि,
मिला जो है आज एक दिन,
उसमें जी भर जीए,
हालात जो है आज,कल कुछ और ही होंगे,
हालात के भरोसे नहीं,
बल्कि दिल जो धडकता है,
जीने के अहसास को बरकरार रखता है,
इस दिल के भरोसे और दिल के लिए जीए,
दिमाग फिर आपका दोस्त बन जाएगा,
अपना हालेदिल एक मुसकराहट में बदलता जाएगा,
बीतेगा हर एक दिन फिर जोश और फुर्ती से,
और ये सिर्फ कैलेंडर पर नहीं,
हमारी तकदीर बदलता जाएगा,
Good Bye "2016",
अब तु बदलकर मेरे लिए,
"2017"का तोहफा लाएगा🎁
                          -✍डॉ.स्मृति नाईक

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