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Tuesday, March 7, 2017
अपने अंदर झाँक कर तो देखो:-
अपने अंदर झाँक कर तो देखो:
अपने अंदर के शोलो में,
क्यों जल रहे हो बार-बार,
बस एक बार अपने आप को समेटकर,
ज़ोर लगाकर तो देखो,
यही शोले,
पुरी दुनियाँ को रोशन करने की,
ताकत रखते है।
डॉ. स्मृति नाईक
अति सुंदर अप्प दीपो भवः
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