ज़िन्दगी अपनी-हौसला अपना:-
ज़िन्दगी हमें अपने कई रंग दिखाती है,
कभी खुशी तो कभी गम से सताती है,
खुशी में डुबकर खुदको भुलना भी लाज़्मी नहीं,
गम आए कभी,उसमे बह जाना भी तो अच्छा नहीं।
ना ज़िन्दगी पल दो पल की है,
कि इसे सोचने में ही गुज़ार दे,
ना ये ज़िन्दगी पहाड सी है,
कि इसे चढने में ही गवां दे।
हाँ पर सोचना होगा
कि कहाँ पर जाना है,
और जाने के लिए वहाँ तक,
कितना और क्या- क्या लांघना है।
करते समय यह सब,
अपने कर्तव्यों को निभाना है,
प्रेम और सौहार्द से,
अपने और इस देश के,
आंगन को भी सवारना है।
भूलना नही है कभी भी,
हम आज जो है कर रहे,
वो ही इतिहास में जमा होगा,
ये ही दास्तानें,फिर कही जाएंगी,
और ये ही अगली पिढी की,
खुन में रवाँ होगा।
तो बुलंद हो हौसला,
बुलंद हो ताकत,
बुलंद हो अपने अरमान।
डरने की क्या बात है,
खुदा जो तेरे साथ है,
हौसलों के आगे ही,
झुकता है आसमान।
-✍डॉ.स्मृति नाईक
Very Motivational
ReplyDeleteThank you so much☺
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